पंचकूला: जम्मू कश्मीर की बर्फीली सरहदों पर, जो अपने घरों से दूर, हमारी सुरक्षा के लिए दिन-रात तैनात हैं, उन वीर जवानों के लिए आज पंचकूला में भावनाओं का एक अटूट बंधन देखने को मिला। ऑपरेशन सिंधुर के तहत, गुरुदेव श्री स्वामी विश्वास जी के पावन आशीर्वाद से विश्वास फाउंडेशन ने बीकेएम विश्वास स्कूल सेक्टर 9 में एक रक्तदान शिविर का आयोजन किया, जो करुणा और देशभक्ति के रंगों से सराबोर था। इस नेक कार्य में इंडियन रेडक्रॉस सोसाइटी जिला शाखा पंचकूला का अमूल्य सहयोग मिला।
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रक्तदान करने आए हर चेहरे पर एक कृतज्ञ भाव था, एक ऐसी भावना जो शब्दों में बयां करना मुश्किल है। डॉक्टरों की टीम ने जब रक्तदाताओं का परीक्षण किया, तो उन्होंने न केवल उनकी सेहत सुनिश्चित की, बल्कि यह भी बताया कि यह दान सिर्फ रक्त की कुछ बूँदें नहीं, बल्कि किसी फौजी भाई की धड़कनों को जारी रखने का एक संकल्प है। रक्तदान करने के बाद हर व्यक्ति ने एक अद्भुत गर्व महसूस किया, जैसे उन्होंने सचमुच देश की सेवा में अपना छोटा सा योगदान दिया हो।
सहसचिव ऋषि सरल विश्वास ने बताया कि इस भावभीने शिविर का उद्घाटन इंडियन आर्मी चंडीमंदिर के लेफ्टिनेंट कर्नल मोहम्मद अनस शेख, विश्वास फाउंडेशन की अध्यक्ष साध्वी नीलिमा विश्वास, उपाध्यक्ष साध्वी शक्ति विश्वास और संस्था के अन्य पदाधिकारियों ने मिलकर दीप प्रज्वलित करके किया। उस क्षण, वहाँ उपस्थित सभी त्यागी साध्वियों की उपस्थिति ने वातावरण को और भी पवित्र बना दिया।
साध्वी नीलिमा विश्वास ने बताया कि इस शिविर में 189 लोगों ने अपना नाम दर्ज कराया था, जिनमें से 49 को स्वास्थ्य कारणों से रक्तदान करने की अनुमति नहीं मिल पाई। फिर भी, रक्तदाताओं का उत्साह कम नहीं हुआ। पीजीआई चंडीगढ़ की टीम ने डॉक्टर एकता परमजीत की देखरेख में 84 यूनिट्स और पंचकूला चेरीटेबल ट्रस्ट की टीम ने डॉक्टर नीना के कुशल नेतृत्व में 56 यूनिट्स रक्त एकत्र किया। यह सिर्फ़ रक्त की गिनती नहीं थी, बल्कि यह उन अनगिनत दुआओं और शुभकामनाओं का प्रतीक था जो सरहद पर खड़े हर उस जवान के लिए भेजी गईं, जो हमारी नींद चैन से आए, इसके लिए अपनी जान हथेली पर लिए खड़ा है।
शिविर में आए हर रक्तदाता को प्रशंसा पत्र और एक छोटा सा उपहार देकर सम्मानित किया गया, यह सम्मान उस बड़े दिल का प्रतीक था जो उन्होंने दिखाया। इस अवसर पर विश्वास फाउंडेशन के श्याम सुंदर साहनी, सविता साहनी, मूलखराज मनोचा, सुनीता मनोचा, पवन मनचन्दा, हर्ष मनचन्दा, रणधीर सिंह, सतीश गुप्ता, सत्य भूषण खुराना, प्रीति नारंग, वीना रानी, गुरमेल कौर और अन्य सभी अनुयायियों ने पूरे मन से सेवा की।
यह रक्तदान शिविर सिर्फ़ रक्त एकत्र करने का एक प्रयास नहीं था, बल्कि यह एक मौन संदेश था - एक संदेश जो कहता है कि देश की सीमाएँ भले ही दूर हों, लेकिन हमारे दिल हमेशा अपने वीर जवानों के साथ धड़कते हैं। यह एक ऐसा भावनात्मक पल था जिसने हर किसी को यह सोचने पर मजबूर कर दिया कि हम सब मिलकर, छोटे-छोटे प्रयासों से भी कितना बड़ा बदलाव ला सकते हैं। आज, पंचकूला ने दिखाया कि जब बात देश के रखवालों की आती है, तो हर भारतीय का दिल एक साथ धड़कता है और मदद के लिए हाथ अपने आप उठ जाते हैं। यह 140 यूनिट रक्त, सिर्फ़ एक संख्या नहीं, बल्कि एक अटूट बंधन है - देश और उसके वीर जवानों के बीच का।



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